खण्डवा। खंडवा के प्रशांत सेन पारंपरिक भारतीय खेल मल्लखंब की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपना प्रदर्शन करेंगे। प्रशांत खंडवा की विद्याकुंज इंटरनेशनल स्कूल के छात्र है। उन्होंने
हाल ही में इंदौर में आयोजित एसजीएफआई संभाग स्तरीय मल्लखंब प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय रैंक हासिल की। इस स्पर्धा में इंदौर संभाग के 7 जिलों की टीमों ने हिस्सा लिया था। इस तरह 35 खिलाड़ियों में कड़ी स्पर्धा हुई। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रशांत सेन ने कौशल, संतुलन, शक्ति एवं तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्हें इस संभागीय स्पर्धा में द्वितीय स्थान हासिल हुआ जिसके आधार पर वे राज्यस्तरीय स्पर्धा के लिए भी चयनित हुए है। अब प्रदेश स्तर पर प्रशांत खण्डवा का प्रतिनिधित्व करेंगे।
शारीरिक ताकत के साथ-साथ मानसिक अनुशासन को मिलती है मजबूती
मल्लखंब ‘मल्ल’ (योद्धा या पहलवान) और ‘खंभ’ (खंभा या स्तंभ) शब्दों से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है खंभे पर कुश्ती या कसरत। इतिहास के अनुसार, इसका उपयोग प्राचीन काल में योद्धाओं और पहलवानों द्वारा शारीरिक मजबूती, फुर्ती और अनुशासन बढ़ाने के लिए एक ट्रेनिंग टूल के रूप में किया जाता था।यह खेल शारीरिक ताकत के साथ-साथ मानसिक अनुशासन, संतुलन और तीव्र एकाग्रता विकसित करता है
मध्यप्रदेश का राजकीय खेल है मल्लखंब
मल्लखंब एक प्राचीन पारंपरिक भारतीय जिम्नास्टिक और मार्शल आर्ट है। यह मध्यप्रदेश का राजकीय खेल है। प्रदेश सरकार ने 9 अप्रैल 2013 को मल्लखंब को राज्य का राजकीय खेल घोषित किया था। राज्य में मल्लखंब को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन में विशेष अकादमी और केंद्र स्थापित किए गए है। खेल को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रभास जोशी पुरस्कार भी दिया जाता है।
